अवैध रेत के भंडारण से घिरी मजौना की पंचायत भवन,रेत के अवैध कारोबार में पंचायत की भूमिका संदेह के घेरे में। प्रदेश संवाददाता अनुराग द्विवेदी की रिपोर्ट

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सिंगरौली (कुंडेश्वर टाइम्स) सिंगरौली जिले की जनपद पंचायत देवसर अंतर्गत ग्राम पंचायत मजौना इन दिनों अवैध रेत भंडारण और अवैध रेत कारोबारियों को संरक्षण दिए जाने के आरोपों को लेकर सुर्खियों में है। पंचायत भवन के चारों ओर बड़ी मात्रा में अवैध रूप से रेत का भंडारण किया गया है, जिससे न केवल प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं, बल्कि पंचायत की भूमिका भी संदेह के घेरे में आ गई है।

स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत भवन के समीप लंबे समय से अवैध रेत जमा की जा रही है। यह रेत न तो किसी स्वीकृत खदान से लाई गई है और न ही इसके लिए किसी प्रकार की अनुमति ली गई है। इसके बावजूद खुलेआम पंचायत भवन के आसपास रेत का ढेर लगा होना यह संकेत देता है कि अवैध कारोबार को कहीं न कहीं संरक्षण प्राप्त है।

ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत भवन जैसे शासकीय परिसर के आसपास इस तरह का अवैध भंडारण होना गंभीर मामला है। इससे यह आशंका और गहरी हो जाती है कि रेत माफिया को स्थानीय स्तर पर राजनीतिक या प्रशासनिक संरक्षण मिल रहा है। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि शिकायतों के बावजूद अब तक न तो पंचायत ने कोई ठोस कदम उठाया और न ही संबंधित विभागों द्वारा प्रभावी कार्रवाई की गई।

अवैध रेत भंडारण से पंचायत की छवि धूमिल हो रही है। पंचायत भवन, जो गांव के विकास और प्रशासन का केंद्र माना जाता है, आज खुद अवैध गतिविधियों से घिरा दिखाई दे रहा है। इससे आम जनता में आक्रोश है और लोगों का भरोसा पंचायत व्यवस्था से उठता जा रहा है।

मामले को लेकर ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, खनिज विभाग एवं जनपद पंचायत देवसर से मांग की है कि मजौना पंचायत भवन के आसपास किए गए अवैध रेत भंडारण की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही यह भी जांच हो कि आखिर किसके संरक्षण में यह अवैध कारोबार फल-फूल रहा है।

अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और अवैध रेत कारोबार पर लगाम लगाने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं, या फिर यह मामला भी अन्य शिकायतों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा।

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