दमोह: दमोह जिले में लगातार गेहूं की खेतों में खड़ी फसल में आग लगने की घटना थमने का नाम नहीं ले रही है, एक के बाद एक फसलों में आग लग रही है, दमोह जिले में 15 से अधिक गांव में अब तक फसलों में आग लग चुकी है लगभग 300 एकड़ के ऊपर फसलें जलकर खाक हो चुकी है, ऐसी घटनाओं के चलते किसान की आंखों से आंसू निकल आते हैं, किसान के पास दो जून की रोटी का इंतजाम भी नहीं होता। इसी बीच एक किसान ने कीटनाशक पीकर जान दे दी मौत की वजह फसल में आग लगना बताई जा रही है, नोहटा थाना अंतर्गत चिलोद टपरिया मैं रहने वाले बेड़ी लाल उर्फ कोदू पिता रामसिंह अहिरवार उम्र 61 वर्ष की फसल में आग लग गई थी, 8 एकड़ की फसल जलकर खाक हो गई थी किसान के सामने काफी बड़ा आर्थिक संकट खड़ा हो गया था, परिवार की माने तो कुछ कर्ज भी देना था और आगे जीवन यापन करने के लिए भी पैसे की आवश्यकता थी लेकिन जब फसल में आग लग गई और कहीं से कोई मुआवजे की आस नहीं दिखी तो किसान ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया, कीटनाशक पीने के बाद गंभीर स्थिति में किसान को जिला अस्पताल लाया गया, किसान का रात भर इलाज भी चलता रहा लेकिन सुबह होने तक किसान ने दम तोड़ दिया, किसान की मौत के बाद परिजन काफी गमगीन है, रो रो कर बुरा हाल है। एक और तो फसल बर्बाद हो गई उसमें आग लग गई और दूसरा किसान ने आत्महत्या कर ली। किसान के परिवार पर दुख का जैसे पहाड़ टूट पड़ा हो अब तक कोई भी अधिकारी किसान के परिवार के आंसू पहुंचने नहीं पहुंचा ना ही किसी राजनेता ने किसान के घर तक जाने की जहमत उठाई है। प्रदेश में किसानों की सरकार में किसानों को सरकार का भरोसा नहीं है नहीं तो ऐसा नहीं होता कि किसान की फसल जल जाए, किसान आत्महत्या कर ले, पुलिस ने मर्ग कायम कर मामला जांच में लिया है अधिकारी इस मामले में कुछ भी नहीं कह पा रहे हैं।