फर्जी मुआवजा लेने वालों पर फिर सख्ती,हाईकोर्ट के डबल बेंच ने बहाल किया वसूली आदेश2097 लोगों से की जा सकती है वसूली। प्रदेश संवाददाता अनुराग द्विवेदी की रिपोर्ट

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सिंगरौली (कुंडेश्वर टाइम्स) दूसरे की भूमि पर फर्जी तरीके से मुआवजा प्राप्त करने वाले मामलों में अब एक बार फिर बड़ी कार्रवाई शुरू हो गई है। प्रकरण क्रमांक WP 9139/2023 में दिनांक 28.01.2025 को पारित आदेश के तहत जिन लोगों से वसूली की कार्यवाही प्रारंभ की गई थी, उसे अब उच्च न्यायालय के डबल बेंच ने पुनः प्रभावी कर दिया है।
ज्ञात हो कि इस मामले में अभि एक लोगों के विरुद्ध वसूली की प्रक्रिया शुरू की गई थी, जिन पर आरोप है कि उन्होंने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दूसरे की भूमि का मुआवजा प्राप्त किया। हालांकि, उक्त वसूली कार्यवाही को बाद में रिट अपील WA 371/2025 के माध्यम से माननीय चीफ जस्टिस के द्वारा अस्थायी रूप से रोक दिया गया था।
लेकिन अब मामले में बड़ा मोड़ आया है। उच्च न्यायालय के डबल बेंच ने चीफ जस्टिस के आदेश को निरस्त करते हुए 28.01.2025 के मूल वसूली आदेश को पुनः लागू कर दिया है। इसके साथ ही प्रशासन को वसूली कार्यवाही फिर से शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
आदेश के पालन में तहसीलदार देवसर द्वारा वसूली प्रकरण क्रमांक 001/अ-16/2024-25 मैं जो कुर्की आदेश 18.02.25 को करने के बाद रोक दिया गया था उसे पुनः दिनांक 18 .3. 26से शुरू कर दी गई है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, जल्द ही सभी संबंधित लोगों से राशि की वसूली तेज़ी से की जाएगी।
इस फैसले के बाद अब 2097 लोगों पर मुआवजा राशि लौटाने का भारी दबाव बन गया है। जिन लोगों ने फर्जी तरीके से लाभ लिया था, उन्हें अब न केवल राशि वापस करनी होगी बल्कि कानूनी कार्रवाई का सामना भी करना पड़ सकता है।


हाईकोर्ट के इस सख्त रुख से साफ है कि फर्जी मुआवजा मामलों में अब किसी भी तरह की राहत की उम्मीद कम है। आने वाले दिनों में यह मामला और भी गंभीर रूप ले सकता है, जिससे संबंधित लोगों की मुश्किलें बढ़ना तय है।

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