बीजेपी कार्यालय घेरने निकले NSUI कार्यकर्ताओं पर पुलिस का बल प्रयोग: वाटर कैनन और आंसू गैस से तितर-बितर, कई हिरासत में। कुंडेश्वर टाइम के लिए प्रेम तिवारी की रिपोर्ट

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रीवा, (कुंडेश्वर टाइम्स) 

रीवा शहर में सोमवार को उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई जब भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) के सैकड़ों कार्यकर्ता भाजपा कार्यालय के घेराव के लिए सड़कों पर उतर आए। छात्र-युवा विरोधी नीतियों, बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और शिक्षण संस्थानों में कथित राजनीतिक हस्तक्षेप के विरोध में निकाले गए इस प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी झड़प हो गई। हालात पर काबू पाने के लिए पुलिस को वाटर कैनन चलाना पड़ा और आंसू गैस के गोले भी दागे गए। करीब 45 मिनट तक चले इस घटनाक्रम के बाद पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर स्थिति को नियंत्रण में किया।

प्रदर्शन के दौरान शहर के कई हिस्सों में अफरातफरी का माहौल बन गया। बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती के बावजूद जब कार्यकर्ता आगे बढ़ने लगे तो पुलिस को सख्ती बरतनी पड़ी। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई।

भाजपा कार्यालय की ओर बढ़े सैकड़ों कार्यकर्ता, पुलिस से हुई झड़प

जानकारी के अनुसार सोमवार दोपहर एनएसयूआई के सैकड़ों कार्यकर्ता एकत्रित होकर विरोध मार्च निकालते हुए भारतीय जनता पार्टी कार्यालय के घेराव के लिए निकले थे। प्रदर्शनकारी हाथों में संविधान की प्रतियां और तख्तियां लेकर नारेबाजी करते हुए आगे बढ़ रहे थे। संगठन का आरोप है कि केंद्र और प्रदेश सरकार की नीतियों के कारण छात्रों और युवाओं को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

पुलिस प्रशासन को प्रदर्शन की सूचना पहले से मिल चुकी थी, जिसके चलते भाजपा कार्यालय के आसपास व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। विभिन्न मार्गों पर बैरिकेडिंग लगाकर पुलिस बल तैनात किया गया था। जैसे ही प्रदर्शनकारी भाजपा कार्यालय की ओर बढ़े, पुलिस ने उन्हें राजपूत गन फैक्ट्री के सामने रोक लिया।

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इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग हटाकर आगे बढ़ने का प्रयास किया, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। देखते ही देखते धक्का-मुक्की और झूमाझटकी शुरू हो गई। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने पहले प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन जब भीड़ पीछे हटने को तैयार नहीं हुई तो पुलिस को वाटर कैनन का सहारा लेना पड़ा।

इसके बाद भी प्रदर्शनकारियों के नहीं मानने पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े, जिससे मौके पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई और प्रदर्शनकारी इधर-उधर भागने लगे। करीब 45 मिनट तक चले इस घटनाक्रम के बाद पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।महंगाई और बेरोजगारी को लेकर सरकार पर साधा निशानाएनएसयूआई का कहना है कि उनका प्रदर्शन पूरी तरह छात्र-युवा हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर था। संगठन के अनुसार बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, एलपीजी गैस की कीमतों में वृद्धि और शिक्षण संस्थानों में कथित भेदभाव के कारण छात्र-युवा वर्ग परेशान है।

एनएसयूआई के जिला अध्यक्ष पंकज उपाध्याय ने आरोप लगाया कि संगठन शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहा था, लेकिन पुलिस ने अनावश्यक बल प्रयोग किया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विरोध प्रदर्शन करना हर नागरिक का अधिकार है, लेकिन सरकार के दबाव में छात्रों की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने, महंगाई पर नियंत्रण करने और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर यह प्रदर्शन किया गया था। यदि सरकार इन मांगों पर ध्यान नहीं देती है तो संगठन भविष्य में और बड़ा आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। अधिकारियों के अनुसार प्रदर्शनकारियों को कई बार समझाया गया था कि वे आगे न बढ़ें, लेकिन जब उन्होंने बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की तो भीड़ को नियंत्रित करने के लिए हल्का बल प्रयोग करना पड़ा।पुलिस के मुताबिक स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है और शहर में शांति व्यवस्था कायम है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटा जा सके। इस घटनाक्रम के बाद शहर के राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा का माहौल है। छात्र संगठन ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

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