*हनुमना, मऊगंज।* (कुंडेश्वर टाइम्स)
जनपद पंचायत हनुमना के अंतर्गत ग्राम पंचायत नाउन खुर्द से प्रशासनिक लापरवाही और पोर्टल की बाजीगरी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक पात्र हितग्राही करुणा त्रिपाठी को प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लाभ से वंचित करने के लिए जांच अधिकारी ने एक ऐसा तर्क दिया है, जिसे सुनकर हर कोई दंग है।
*क्या है पूरा मामला?*
पीड़ित महिला करुणा त्रिपाठी का नाम प्रधानमंत्री आवास योजना की प्राथमिकता सूची में शामिल था। आवास की आस में बैठी महिला को तब बड़ा झटका लगा जब उसे बिना किसी ठोस कारण के अपात्र (Reject) घोषित कर दिया गया। जब इस मामले की तहकीकात की गई, तो हाटा CFT के पीसीओ (PCO) फूल सिंह की जांच रिपोर्ट में एक अजीबोगरीब दावा सामने आया।
निराकरण में लिखा- ‘महिला सरकारी पेंशनर है’
शिकायतकर्ता करुणा त्रिपाठी की जांच के बाद पीसीओ फूल सिंह ने अपने जवाब में बताया कि आवेदिका ‘शासकीय पेंशनर’ है, इसलिए वह इस योजना के लिए अपात्र है।
सवालों के घेरे में जांच अधिकारी
अब सवाल यह उठता है कि एक प्राइवेट वकील की धर्मपत्नी आखिर कब से और किस योजना के तहत सरकारी पेंशन पाने लगीं? स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि पीसीओ फूल सिंह ने बिना मौके पर गए या बिना दस्तावेजों की पुष्टि किए, अपनी लापरवाही छुपाने के लिए आवेदिका को सरकारी पेंशनर बता दिया।
*जांच की मांग*
पीड़ित पक्ष का कहना है कि पीसीओ की इस ‘बड़ी लापरवाही’ के कारण एक गरीबं और पात्र परिवार अपने हक के पक्के मकान से वंचित रह गया है। ग्रामीणों और पीड़ित परिवार ने जिला प्रशासन और
*वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि:इस फर्जी रिपोर्ट को तैयार करने वाले पीसीओ फूल सिंह पर सख्त कार्रवाई की जाए।*
मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पर कार्यवाही की जाए
















