रेशम की डोर में बंधा भाई-बहन का स्नेह, अमरकंटक में नर्मदा स्नान; जेल में 500 से ज्यादा बहनों ने बांधी राखी/ राजकुमार यादव की खास रिपोर्ट

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रेशम की डोर में बंधा भाई-बहन का स्नेह, अमरकंटक में नर्मदा स्नान; जेल में 500 से ज्यादा बहनों ने बांधी राखी

380 बहनें दोपहर तक भाइयों की कलाई सजा चुकी थीं, 125 अपनी बारी के इंतजार में; कई भाई-बहन मिलकर भावुक हुए

अनूपपुर। सावन पूर्णिमा पर शुक्रवार को जिलेभर में रक्षाबंधन का पर्व भाई-बहन के अटूट प्रेम और स्नेह के साथ मनाया गया। बहनों ने भाइयों के माथे पर चंदन का तिलक लगाया और कलाई पर रेशम की पवित्र डोर बांधकर उनकी लंबी उम्र व सुख-समृद्धि की कामना की। भाइयों ने भी राखी की लाज रखते हुए बहनों की रक्षा का संकल्प लिया। कोतमा, बदरा, भालूमाड़ा, राजनगर, बिजुरी, अमरकंटक, जैतहरी सहित ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर रक्षाबंधन की खुशियां नजर आईं।

अमरकंटक में हजारों श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी

पूर्णिमा और रक्षाबंधन के संयोग पर धार्मिक नगरी अमरकंटक में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। हजारों श्रद्धालुओं ने मां नर्मदा में आस्था की डुबकी लगाई और मंदिरों में दर्शन-पूजन कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। पर्व के चलते अमरकंटक की वादियों में सैलानियों की भी भीड़ रही। श्रद्धालुओं और पर्यटकों की आवाजाही से धार्मिक नगरी में दिनभर चहल-पहल बनी रही।

बाजार में रात तक रौनक, बस स्टैंड-स्टेशन पर भीड़

रक्षाबंधन को लेकर स्थानीय बाजारों में गुरुवार रात तक रौनक रही। शुक्रवार को भी राखी की दुकानों पर खरीदारों की भीड़ रही। मिठाई की दुकानों पर भी लोगों ने जमकर खरीदारी की। प्रशासन की ओर से बाजार क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था की गई थी।

वहीं रक्षाबंधन के चलते शुक्रवार सुबह से शाम तक बस स्टैंड और रेलवे स्टेशनों पर भी बहनों की भीड़ दिखाई दी। दूर-दराज से बहनें भाइयों के घर पहुंचने के लिए बसों और ट्रेनों से यात्रा करती नजर आईं। लोगों के मुताबिक त्योहार के बाद भी एक-दो दिन तक आवाजाही बनी रहने की संभावना है।

जेल में भाई की कलाई पर राखी बांध भावुक हुईं बहनें

रक्षाबंधन का सबसे भावुक नजारा जिला जेल अनूपपुर में देखने को मिला। यहां इस वर्ष भी बड़ी संख्या में बहनें जेल में बंद अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधने पहुंचीं। जेल प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के बीच बहनों को भाइयों से मुलाकात कर राखी बांधने की अनुमति दी।

बहनें जेल की कैंटीन से 250 रुपए की मिठाई सहित अन्य सामान का पैकेट लेकर अंदर पहुंचीं और भाइयों की कलाई पर राखी बांधी। लंबे समय बाद भाई-बहन के आमने-सामने होने पर कई लोग भावुक हो गए। कुछ भाई अपनी बहनों को देखकर रो पड़े तो बहनों की आंखें भी छलक उठीं। बहनों ने भाइयों को संभालते हुए राखी बांधी और उनके बेहतर भविष्य की कामना की।

जिला जेल अनूपपुर के अधीक्षक इन्द्रदेव तिवारी ने बताया कि राखी बांधने की प्रक्रिया सुबह 9 बजे शुरू हुई थी। दोपहर 2 बजे तक 380 बहनें अपने भाइयों को राखी बांध चुकी थीं, जबकि 125 बहनें अपनी बारी का इंतजार कर रही थीं। बहनों के आने तक राखी बांधने की प्रक्रिया जारी रखी गई। इस दौरान कई बहनों ने जेलर और सुरक्षा में तैनात प्रहरियों की कलाई पर भी राखी बांधकर उन्हें शुभकामनाएं दीं।

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