जल गंगा संवर्धन अभियान 3.0 के तहत कलेक्टर एवं जिपं सीईओ ने किया स्थलीय निरीक्षण, शीघ्र जीर्णोद्धार के दिए निर्देश

सिंगरौली (कुंडेश्वर टाइम्स)। । मध्यप्रदेश शासन द्वारा संचालित जल गंगा संवर्धन अभियान 3.0 अब ग्रामीण अंचलों में ऐतिहासिक जल स्रोतों के संरक्षण एवं पुनर्जीवन का प्रभावी माध्यम बनता जा रहा है। इसी क्रम में जनपद पंचायत देवसर अंतर्गत ग्राम पंचायत धनहा स्थित लगभग 125 वर्ष पुराने प्राचीन तालाब के जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण की दिशा में प्रशासनिक स्तर पर महत्वपूर्ण पहल तेज हो गई है।
बताया जा रहा है कि जनपद पंचायत अध्यक्ष प्रणव पाठक ‘वीरू’ लंबे समय से इस ऐतिहासिक तालाब के संरक्षण, गहरीकरण एवं पुनर्जीवन को लेकर जिला कलेक्टर गौरव बैनल का ध्यान आकर्षित कर रहे थे। उनके निरंतर प्रयासों एवं आग्रह के बाद जिला कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तालाब के पुनर्जीवन की प्रक्रिया को प्राथमिकता प्रदान की है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशानुरूप जिला कलेक्टर गौरव बैनल एवं जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी जगदीश गोमे ने ग्राम पंचायत धनहा पहुंचकर तालाब का स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने तालाब की वर्तमान स्थिति, जल संग्रहण क्षमता, क्षतिग्रस्त हिस्सों तथा आसपास के क्षेत्र का गहन अवलोकन किया।
इस अवसर पर संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि तालाब के जीर्णोद्धार, गहरीकरण, घाट निर्माण, साफ-सफाई एवं सौंदर्यीकरण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र प्रारंभ कराया जाए। साथ ही जल संरक्षण को स्थायी स्वरूप देने के लिए वैज्ञानिक एवं तकनीकी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए गए।
ग्रामीणों के अनुसार यह प्राचीन तालाब केवल जल स्रोत ही नहीं, बल्कि गांव की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं सामाजिक पहचान का प्रमुख केंद्र रहा है। वर्षों पूर्व निर्मित यह तालाब आसपास के क्षेत्रों में सिंचाई, पशुपालन एवं दैनिक उपयोग हेतु जल उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। समय के साथ उपेक्षा एवं रखरखाव के अभाव में इसकी स्थिति प्रभावित हो गई थी, जिससे ग्रामीणों में चिंता व्याप्त थी।
अब प्रशासनिक सक्रियता के बाद ग्रामीणों में नई उम्मीद जागी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि तालाब का पुनर्जीवन होने से भू-जल स्तर में सुधार होगा, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा तथा जल संचयन की दिशा में स्थायी परिणाम सामने आएंगे। साथ ही भविष्य में यह स्थल ग्रामीण पर्यटन, सामाजिक गतिविधियों एवं जनसामान्य के लिए आकर्षण का केंद्र भी बन सकता है।
जनपद पंचायत अध्यक्ष प्रणव पाठक ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा प्रारंभ किया गया जल गंगा संवर्धन अभियान आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संरक्षण की दिशा में ऐतिहासिक पहल सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि यदि इसी प्रकार पुराने जल स्रोतों का संरक्षण एवं संवर्धन किया जाए तो भविष्य में जल संकट की समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
उन्होंने कलेक्टर गौरव बैनल से आग्रह करते हुए कहा कि मुख्यालय से लगभग दो किलोमीटर दूरी पर स्थित यह 125 वर्ष पुराना तालाब जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण के बाद क्षेत्रवासियों के लिए बहुउपयोगी केंद्र बन सकता है। इससे किसानों को सिंचाई सुविधा मिलेगी, महिला स्व-सहायता समूहों को मत्स्य पालन के माध्यम से रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे तथा स्थानीय नागरिकों को प्राकृतिक वातावरण में भ्रमण एवं विश्राम स्थल उपलब्ध होगा। साथ ही ग्रामीण चौपाल एवं सामाजिक बैठकों जैसी पुरानी परंपराओं को भी पुनर्जीवित करने का अवसर मिलेगा।
इसी दौरान कलेक्टर गौरव बैनल ने देवसर मुख्यालय में आयोजित विभिन्न प्रशासनिक कार्यक्रमों में भी सहभागिता की। उन्होंने उपखंड सभागार में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए तथा तहसील कार्यालय का औचक निरीक्षण कर लंबित कार्यों को समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश प्रदान किए।
मंगल भवन देवसर में आयोजित जल गंगा संवर्धन अभियान 3.0 की बैठक में जनपद पंचायत देवसर की समस्त ग्राम पंचायतों के सचिवों को निर्देशित किया गया कि मनरेगा योजनांतर्गत निर्माणाधीन कार्यों को शीघ्र पूर्ण किया जाए एवं शासन द्वारा जारी निर्देशों का गंभीरता से पालन सुनिश्चित किया जाए।
इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष प्रणव पाठक ने देवसर पश्चिमी बाईपास से पूर्वी बाईपास तक अतिक्रमण एवं जर्जर स्थिति से प्रभावित मार्ग के निरीक्षण की मांग भी कलेक्टर के समक्ष रखी, जिस पर कलेक्टर ने मार्ग के सुदृढ़ीकरण हेतु आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।
पत्रकारों से चर्चा करते हुए श्री पाठक ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेश के सर्वांगीण विकास एवं हर वर्ग के उत्थान के लिए संवेदनशीलता के साथ कार्य कर रहे हैं और जिला प्रशासन भी उन्हीं की मंशा के अनुरूप विकास कार्यों को गति देने में पूरी निष्ठा एवं सक्रियता के साथ जुटा हुआ है।


















