2013 के दंगों में घर जलने का हिंदुओं से बदला लेने के लिए महिला इमराना ने बनवाए थे 10 टाइम बम, ऐसे रची खतरनाक साजिश

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लखनऊ(kundeshwartimes)-  उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में पटाखा व्यवसाई से चार टाइमर बम हिंदुओं से बदला लेने के लिए महिला ने बनवाए थे. बम का ऑर्डर देने वाली महिला का वर्ष 2013 में हुए मुजफ्फरनगर दंगे में घर जला दिया गया था और इसी गुस्से को दस वर्ष से दबाए बैठी महिला ने इस बार हिन्दुओं को बम से उड़ाने की योजना बनाई थी. हालांकि यूपी एसटीएफ ने साजिश को नाकाम करते हुए पहले टाइमर बम बनाने वाले जावेद और फिर उसे बनवाने वाली महिला इमराना को गिरफ्तार कर लिया।

यूपी एसटीएफ ने 16 फरवरी को मुजफ्फरनगर से जावेद नाम के एक युवक को गिरफ्तार किया था. जावेद ने चार टाइमर बम तैयार किए थे, जो एक महिला के दिए गए ऑर्डर पर बनाया गया था. जावेद के कुछ रिश्तेदार नेपाल में भी रहते थे, लिहाजा एसटीएफ के साथ ही यूपी एटीएस भी इस मामले की जांच में जुट गई कि आखिर टाइमर बम किसलिए बनवाए गए और क्या यह किसी आतंकी संगठन के इशारों पर हुआ है. ऐसे में जांच एजेंसियां टाइमर बम का ऑर्डर देने वाली महिला की तलाश में जुट गई थीं. रविवार को एसटीएफ ने इमराना नाम की 58 वर्षीय महिला को गिरफ्तार किया, जो मुजफ्फरनगर की रहने वाली है और मौजूदा समय शामली जिले में रहती है।

2013 के दंगों मे घर जल जाने का हिंदुओं से बदला लेना चाहती थी इमराना

पूछताछ में सामने आया कि आरोपी महिला इमराना जो कि झाड़फूंक का काम करती है और अपने पति से अलग मुजफ्फरनगर में ही रहती है. वर्ष 2013 में मुजफ्फर नगर में हुए दंगों में इमराना का घर जला दिया गया था. इमराना का मानना था कि उसका घर हिंदुओं ने जलाया था, ऐसे में दस वर्ष पहले ही उसने हिंदुओं से बदला लेने की ठान ली थी. इसके लिए वह ऐसा तरीका ढूंढ रही थी, जिससे वह अपना बदला पूरा कर सके. वह पहले गिरफ्तार हुए जावेद को दो दशक से जानती थी. इमराना यह भी जानती थी कि जावेद और उसका पिता जरीफ पटाखा बनाने का काम करते हैं. ऐसे में उसने हिंदुओं से बदला लेने के लिए जावेद की मदद लेने का फैसला किया।

दस वर्ष पहले भी दो बम करवाए थे इमराना ने तैयार

आरोपी इमराना ने बताया कि दस वर्ष पहले जब उसका घर दंगे में जला दिया गया था तो उसने जावेद से दो बम बनवाए थे. जिसे उसने घर पर रख लिया और सही समय का इंतजार करने लगी थी. हालांकि इसी दौरान एक बम की बत्ती निकल गई, जिससे वह दहशत में नदी में फेंक आई. वहीं एक बम उसने किसी जानकार को दे दिए. ऐसे में वह एक बार फिर से सही समय का इंतजार करने लगी और दस वर्ष बाद एक हफ्ते पहले उसने एक बार फिर जावेद से संपर्क किया और बम बनवाने का ऑर्डर दिया, लेकिन इस बार इमराना ने टाइमर बम बनाने के लिए कहा था।

दस बम का दिया था ऑर्डर, लेकिन 5 ही बन सके

इमराना इस बार कुछ बड़ा करना चाहती थी, ऐसे में जावेद को उसने दो नहीं बल्कि दस बम का ऑर्डर दिया. जावेद मीरापुर से बारूद लाया और पांच टाइमर बम तैयार कर दिए थे. हालांकि एक बम खराब हो गया, जिस कारण बचे चार बम वह डिलीवरी के लिए देने वाला था, लेकिन उससे पहले ही वह पकड़ा गया।

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