अंधी हत्या का खुलासा,जादू-टोने के शक में भतीजे ने की थी चाचा की हत्या। प्रदेश संवाददाता अनुराग द्विवेदी की रिपोर्ट

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सिंगरौली (कुंडेश्वर टाइम्स) बरगवां पुलिस ने ग्राम डाला में हुई एक अंधी हत्या की गुत्थी सुलझाते हुए चौंकाने वाला खुलासा किया है। मामले में मृतक का सगा 16 वर्षीय भतीजा ही हत्यारा निकला, जिसे पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने के बाद जिला सम्प्रेक्षण गृह रीवा भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार 6 जून 2026 को सूचना मिली थी कि ग्राम डाला निवासी 47 वर्षीय जगन्नाथ सिंह गोंड का शव रामबहादुर सिंह गोंड के खेत में पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही बरगवां पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल बैढ़न भेजा। मामले में अज्ञात आरोपी के विरुद्ध धारा 103(1) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई।
पुलिस महानिरीक्षक रीवा गौरव सिंह राजपूत एवं पुलिस उपमहानिरीक्षक हेमंत सिंह के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक षियाज के.एम. तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सर्वप्रिय सिन्हा के मार्गदर्शन में एसडीओपी रोशनी कुर्मी और थाना प्रभारी मो. समीर के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई।

पुलिस जांच में सामने आई हकीकत

जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और परिस्थितिजन्य प्रमाणों के आधार पर मृतक के 16 वर्षीय भतीजे से पूछताछ की। पूछताछ में उसने हत्या करना स्वीकार कर लिया।

पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक जगन्नाथ सिंह गोंड गांव और आसपास के क्षेत्रों में झाड़-फूंक एवं ओझाई का काम करता था। आरोपी बालक को शक था कि उसके परिवार की बीमारी का कारण उसके बड़े पिता द्वारा किया गया कथित जादू-टोना है। इसी बात को लेकर उसके मन में लंबे समय से द्वेष था।

दोनों ने साथ-साथ पी थी शराब

घटना की रात दोनों ने साथ बैठकर शराब पी थी। घर लौटते समय जादू-टोने को लेकर दोनों के बीच विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर बालक ने जगन्नाथ सिंह को धक्का देकर गिरा दिया और हाथ-मुक्कों से मारपीट की। इसके बाद मिट्टी के ढेले से सिर पर वार कर उनकी हत्या कर दी।
पुलिस ने आरोपी विधि विरुद्ध बालक को 9 जून को अभिरक्षा में लेकर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जिला सम्प्रेक्षण गृह रीवा भेज दिया गया।

मुख्य रूप से इनकी रही सराहनीय भूमिका

हत्या का खुलासा करने में थाना प्रभारी निरीक्षक मो. समीर, प्रधान आरक्षक आलोक चतुर्वेदी, मनोज गौतम, रामनिवास यादव तथा आरक्षक अनूप मिश्रा और नीरज यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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