ट्रांसफर के नाम पर 40 हजार की वसूली का आरोप, भाजपा मंडल अध्यक्ष का ऑडियो वायरल “ट्रांसफर करा दूंगा” कहकर लिए 40 हजार, सालभर बाद भी न काम हुआ न पैसे लौटे कुंडेश्वर टाइम के लिए सिक्की मिश्रा जिला संवाददाता की रिपोर्ट

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भाजपा मंडल अध्यक्ष पर महिला से 40 हजार लेने का आरोप, ऑडियो-चैटिंग वायरलट्रांसफर नहीं हुआ तो पैसे मांगने पहुंची महिला, भाजपा कार्यालय में धरने की चेतावनी

अनूपपुर। (कुंडेश्वर टाइम्स) चाल, चरित्र और चेहरे की राजनीति का दावा करने वाली भाजपा के एक स्थानीय पदाधिकारी पर ट्रांसफर के नाम पर पैसों की उगाही का गंभीर आरोप लगा है। अनूपपुर जिला मुख्यालय की एक महिला स्वास्थ्य कर्मचारी ने भाजपा के नव नियुक्त मंडल अध्यक्ष ब्रजेश चतुर्वेदी पर आरोप लगाया है कि उन्होंने राजनीतिक पहुंच और बड़े नेताओं से संबंधों का हवाला देकर उसका ट्रांसफर कराने के नाम पर 40 हजार रुपए ले लिए, लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी न ट्रांसफर हुआ और न ही पैसे वापस मिले।
मामला सामने आने के बाद जिले की राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। इस पूरे मामले से जुड़ा एक कथित ऑडियो, व्हाट्सएप चैट और फोनपे भुगतान का स्क्रीनशॉट भी सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है। हालांकि इन वायरल सामग्रियों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन पीड़ित महिला का दावा है कि उसके पास पैसों के लेनदेन और बातचीत के पर्याप्त प्रमाण मौजूद हैं।

*40 हजार में ट्रांसफर कराने का दिया था भरोसा*

पीड़ित महिला स्वास्थ्य कर्मचारी जिला मुख्यालय से करीब 19 किलोमीटर दूर राष्ट्रीय राजमार्ग-43 पर स्थित एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ है। महिला का कहना है कि वह जिला मुख्यालय से करीब 8 किलोमीटर दूर स्थित दूसरे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में अपना ट्रांसफर कराना चाहती थी। महिला के पति, जो पेशे से ठेकेदार हैं, का भाजपा मंडल अध्यक्ष ब्रजेश चतुर्वेदी की दुकान पर आना-जाना था। इसी दौरान ट्रांसफर की चर्चा हुई। आरोप है कि ब्रजेश चतुर्वेदी ने अपनी राजनीतिक पकड़ का हवाला देते हुए कहा कि भाजपा के वरिष्ठ नेताओं और प्रभारी मंत्री से बात कराकर वह “चुटकियों में ट्रांसफर” करा देंगे।
महिला के अनुसार ट्रांसफर कराने के लिए 40 हजार रुपए की मांग की गई। महिला ने 22 मार्च 2025 को 5 हजार रुपए फोनपे के माध्यम से ट्रांसफर किए और बाकी 35 हजार रुपए नगद दिए।

*एक साल से लगवा रहे चक्कर*

महिला का आरोप है कि पैसे लेने के बाद से ही मंडल अध्यक्ष लगातार उसे आश्वासन देते रहे कि फाइल आगे बढ़ गई है और जल्द आदेश जारी हो जाएगा। महिला का कहना है कि पिछले एक साल से वह बार-बार मंडल अध्यक्ष के पास जाकर अपने ट्रांसफर की जानकारी ले रही है, लेकिन हर बार उसे नए बहाने बनाकर टाल दिया जाता है। कभी कहा जाता है कि फाइल कलेक्टर कार्यालय में है, कभी बताया जाता है कि मंत्री से मंजूरी हो चुकी है और जल्द आदेश जारी हो जाएगा।

*बड़े नेताओं से संबंध का दिया हवाला*

महिला और उसके पति का आरोप है कि मंडल अध्यक्ष ने भाजपा के कई बड़े नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों से अपनी नजदीकी का हवाला देकर भरोसा दिलाया था कि ट्रांसफर में कोई दिक्कत नहीं आएगी। वायरल ऑडियो में भी कथित तौर पर भाजपा जिलाध्यक्ष, पूर्व विधायक और प्रभारी मंत्री के नामों का जिक्र करते हुए ट्रांसफर कराने की बात कही जा रही है।
ऑडियो में प्रभारी मंत्री को अपशब्द
सोशल मीडिया में वायरल हो रहे कथित ऑडियो में मंडल अध्यक्ष और महिला के पति के बीच बातचीत भी सामने आई है। इसमें मंडल अध्यक्ष यह कहते हुए सुने जा रहे हैं कि ट्रांसफर की फाइल कलेक्टर कार्यालय में है और प्रभारी मंत्री से अनुमोदन हो चुका है।
बातचीत के दौरान प्रभारी मंत्री के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किए जाने का भी दावा किया जा रहा है। हालांकि वायरल ऑडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

*पैसे वापस मांगने पर दी चेतावनी*

लगातार एक साल तक ट्रांसफर न होने और पैसे वापस न मिलने से परेशान महिला ने अब अपना पैसा वापस मांगना शुरू कर दिया है।
महिला ने 8 मार्च 2026 को व्हाट्सएप पर संदेश भेजकर मंडल अध्यक्ष से कहा कि यदि वह ट्रांसफर नहीं करा सकते तो उसका 40 हजार रुपए वापस कर दें। महिला ने यह भी लिखा कि उसके पास भुगतान के सभी प्रमाण मौजूद हैं और यदि पैसे वापस नहीं मिले तो वह भाजपा कार्यालय में जाकर धरना देगी।
फिर मिलने का दिया आश्वासन
महिला के अनुसार व्हाट्सएप संदेश मिलने के बाद मंडल अध्यक्ष ने उसे फोन किया और उसके पति के साथ आकर मिलने को कहा।
इसके बाद भी महिला का आरोप है कि उसे लगातार आज-कल का भरोसा देकर टाला जा रहा है। कभी कहा जाता है कि कलेक्टर से बात करेंगे, कभी पूर्व विधायक से मिलवाने की बात कही जाती है, तो कभी जिलाध्यक्ष से सिफारिश कराने का आश्वासन दिया जाता है।

*राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में चर्चा*

मामला सामने आने के बाद जिले में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। विपक्षी दल भी इसे मुद्दा बना सकते हैं। अब सवाल यह उठ रहा है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो क्या सत्ताधारी दल अपने ही पदाधिकारी पर कार्रवाई करेगा। साथ ही यह भी देखना होगा कि पीड़ित महिला को उसका पैसा वापस मिल पाता है या नहीं और प्रशासन इस पूरे मामले की जांच करता है या नहीं। फिलहाल इस पूरे मामले में भाजपा संगठन या संबंधित पदाधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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