दोपहर 12 बजे के बाद भी खाली पड़ी रही कर्मचारियों की कुर्सी , कार्यालय के दरवाजा पर लटक रहा ताला -अपनी सुविधा के अनुसार आते हैं अधिकारी,कर्मचारी परेशान होते रहते हैं लोग / कुंडेश्वर टाइम्स समाचार संपादक मोहन पटेल की खास रिपोर्ट

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दमोह  सरकार से मोटी पगार लेकर शासकीय कर्यालयों में बैठकर अपने अधीनस्थ और आम लोगों पर रौब झाड़ने वाले अधिकारियों ने लापरवाही की हद पार कर दी। आमजनों के हित में काम तो दूर वे निर्धारित समय (सुबह 10ः30 बजे) पर ही अपने कर्यालय नहीं पहुंच रहे हैं। कार्यालय जनपद शिक्षा केंद्र पटेरा में अधिकारी सहित कर्मचारी 12 पदस्थ हैं लेकिन दोपहर के समय ऑपरेटर को छोड़ दिया जाए तो कार्यालय में पूरी उपस्थित नहीं दिखा और अधिकांश अधिकारी 12 बजे से पहले दफ्तर नहीं पहुंचते हैं।

अधिकारियों के ऑफिस में नहीं मिलने से आम लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। वहीं, जब अधिकारी लेट आते हैं, तो उनके मातहत भी अपनी सुविधानुसार कार्यालय पहुंचते हैं। हालांकि अधिकारी और कर्मचारी समय पर ऑफिस भले ही नहीं आएं, लेकिन वे निर्धारित समय से पहले ऑफिस से चले जरूर जाते हैं। कार्यालय जनपद शिक्षा केंद्र पटेरा का शुकवार को टीम ने जायजा लिया तो 12 बजे से 1 बजे के बीच दफ्तर खाली मिले, सिर्फ , कंप्यूटर ऑपरेटर जरूर बैठे दिखाई दिया है, सबसे बड़ी बात तो है जन शिक्षा केंद्र पटेरा में कर्मचारियों को छोड़ दिया जाए तो बीआरसी की भी कुर्सी खाली दिखाई दी

अप-डाउन ने बिगाड़ रखी है सारी व्यवस्था:-

भले ही शासन सहित वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा कर्मचारियों को मुख्यालय पर रहने के आदेश दिए जाते हैं परंतु कार्यालय में पदस्थ अधिकांश प्रतिदिन अप डाउन करते हैं जिससे वह न तो समय पर कार्यालय पहुंचते हैं और ना ही निर्धारित समय तक कार्यालय में रहते हैं यहां का हाल तो या है कि कर्मचारी तो ठीक बीआरसी का भी आने और जाने का कोई समय निर्धारित नहीं है कार्यालय पहुंचने के लिए 10ः30 बजे का समय निर्धारित किया गया है, लेकिन विकासखंड के कई विभागों के अधिकारियों द्वारा रोजाना दमोह या अन्य स्थानों से अप-डाउन के कारण वे रोजाना समय विलंब से ही कर्यालय पहुंचते हैं। अधिकारी , कर्मचारी प्रतिदिन अपने मनमर्जी के हिसाब से कार्यालय आते हैं व जाते हैं आज तक समय का प्रावधान शायद नहीं बन पाया है जिसके तहत अधिकारी कर्मचारी अपने मनमर्जी के मालिक बन चुके हैं जिसके चलते यहां पहुंचने वाले ग्रामीणों को अधिकारियों के इंतजार में घंटों समय इंतजार करना पड़ रहा है। !

जब इस संबंध में पटेरा बीआरसी रामसिंह ठाकुर से बात करनी चाही तो उन्होंने मेरा फोन नहीं उठाया और ना ही बाद में फोन रिटर्न किया अधिकारियों की मनमानी के चलते खुल रहे हैं कार्यालय

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