अजयगढ़। मध्यप्रदेश में लगभग 9 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद छात्रसंघ चुनाव कराए जाने की संभावना ने प्रदेशभर के विद्यार्थियों में नई उम्मीद जगा दी है। उच्च न्यायालय के निर्देशों के बाद सितंबर माह में छात्रसंघ चुनाव होने की खुशी को लेकर छात्र संगठनों में उत्साह का माहौल है। इसी क्रम में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) अजयगढ़ के नगर मंत्री अभय प्रताप सिंह ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे विद्यार्थियों के लोकतांत्रिक अधिकारों की बहाली की दिशा में ऐतिहासिक पहल बताया है।
अभय प्रताप सिंह ने कहा कि छात्रसंघ चुनाव केवल प्रतिनिधियों के चुनाव तक सीमित नहीं होते, बल्कि यह विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, व्यक्तित्व विकास, लोकतांत्रिक मूल्यों तथा सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने का प्रभावी मंच प्रदान करते हैं। छात्र जीवन में तैयार होने वाला नेतृत्व भविष्य में समाज और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से छात्रसंघ चुनाव नहीं होने के कारण विद्यार्थियों को अपनी समस्याओं को लोकतांत्रिक तरीके से रखने तथा अपने प्रतिनिधियों का चयन करने का अवसर नहीं मिल पा रहा था। इससे छात्र नेतृत्व के विकास पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ा। अब चुनाव की संभावनाओं से विद्यार्थियों में नई ऊर्जा और सकारात्मक माहौल देखने को मिल रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नियमित रूप से छात्रसंघ चुनाव आयोजित होने से महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों में स्वस्थ शैक्षणिक वातावरण का निर्माण होगा, विद्यार्थियों की सहभागिता बढ़ेगी

















